बेसिक शिक्षकों ने की मांग टीकाकरण में मिले प्राथमिकता, शासन अगर कोविड से जुड़े कार्यो में इयूटी लगाए तो शिक्षकों को उपार्नित अवकाश भी दे

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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देबेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं जिलामंत्री शिव बहादुर सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की है कि अगर 20 मई के बाद भी बेसिक शिक्षकों की कोबिड से जुड़े कार्यों में ड्यूटी लगाई जाती है तो उन्हें उपार्जित अवकाश दिया जाए, क्योंकि 20 मई के बाद विद्यालय बंद हो जाते हैं। साथ ही बेसिक शिक्षकों एवं उनके परिवारवालों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर हो और इसके लिए अलग सेंटर खोले जाएं। महामारी के दौरान जनपद में 46 बेसिक शिक्षा परिवार के सदस्यों की मौत हुई है, जिनमें 38 शिक्षक, सात शिक्षामिश्र और एक अनुदेशक शामिल हैं।

सभी को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए और पीड़ित परिवार के प्रत्येक सदस्थ को नौकरी दी जाए। कोविड के कमांड सेंटर एवं सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटी रोस्टर में लगाई जाए और इस कार्य में माध्यमिक शिक्षा, मदरसा, संस्कृत पाठशाला एवं सहायक प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को भी लगाया जाए। उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर कहा है कि एक पखवाडे में कोरोना से मृत बेसिक शिक्षक/कर्मचारियों की संख्या 706 से बढक़रर 1600 तक पहुंच गई। इतनी जनहानि के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों को बेसिक शिक्षकों के साथ व्यवहार नहीं बदला।