बेसिक शिक्षा विभाग:- पढ़ाई ठप, बच्चों के घर भेजा जाएगा राशन और खाते में रुपया

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प्रतापगढ़ जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में भले ही लगभग 16 माह से बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे। हैं, मगर उन्हें राशन और कनवर्जनकास्ट दी जाएगी। बच्चों को एमडीएम के रूप में मिलने वाले आहार और कनवर्जन कास्ट का हिस्सा अब उनके घर भेजा जाएगा। प्राइमरी के बच्चों को 13.800 किग्रा और मिडिल स्कूल के बच्चों को 18.600 किग्रा राशन कोटेदारों के माध्यम से दिया जाएगा। कनवर्जन कास्ट की रकम माता-पिता के खाते में भेजी जाएगी।

जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में 15 मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण को देखते हुए बच्चों के स्कूल आने पर पाबंदी लगा दी गई। 15 मार्च 2021 को बच्चों को दो गज की दूरी का पालन करते हुए स्कूल आने की अनुमति दी गई, मगर आलम यह था कि अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजा ही नहीं। बच्चे स्कूल भले ही नहीं आए, मगर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी बच्चों पर मेहरबान हैं।

एक सितंबर 2020 से फरवरी 2021 तक बच्चों के हिस्से का राशन और कनवर्जनकास्ट अब उनके घर भेजने का फैसला किया
है। प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 13.800 और मिडिल स्कूल के बच्चों को 18.600 किग्रा राशन मिलेगा। इसमें प्राइमरी स्कूल के बच्चों को 4.600 किग्रा गेहूं और 9.200 किग्रा चावल जबकि मिडिल स्कूल के बच्चों को 6.200 किग्रा गेहूं और 12.400 किग्रा चावल दिया जाएगा।

प्राइमरी के बच्चों को 685 रुपये और मिडिल स्कूल के बच्चे को 923 रुपये कनवर्जन कास्ट के रूप में मिलेंगे। कनवर्जनकास्ट की रकम बच्चों के माता-पिता के खाते में आनलाइन भेजी जाएगी, जबकि राशन कोटेदारों के माध्यम से बच्चों को वितरित किया जाएगा।

कनवर्जन कास्ट की रकम बच्चों के माता-पिता के खाते में आनलाइन भेजने के लिए हेडमास्टरों से खाता नंबर मांगा गया है, जबकि कोटेदारों को राशन मुहैया जा रहा है। अभिभावक अध्यापकों से संपर्क करके अधिकार पत्र प्राप्त कर सकते हैं। मो. इजहार, जिला समन्वयक, एमडीएम