शिक्षामित्रों के परिवारों की कोर्ट से गुहार

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प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षामित्रों की मदद के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई गई है। शिक्षामित्र नेताओं का दावा है कि प्रदेश भर में 125 से अधिक शिक्षामित्रों का निधन चुनाव ड्यूटी के बाद कोरोना से हो गया है लेकिन उनके परिवारों को अभी तक अनुग्रह राशि नहीं मिली।

अधिकांश परिजनों को नियम कानून का हवाला देकर जिले के अधिकारी अपना पीछा छुड़ा रहे हैं। तमाम लोग जब हॉस्पिटल में गए तो उनको बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला और न ही उनकी जांच कराई गई। ऐसी स्थिति में कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों ने या तो रास्ते में या फिर अस्पताल की चौखट पर दम तोड़ दिया। ऐसे कर्मियों को कैसे और किस प्रकार से लाभ मिलेगा यह एक चिंता का विषय है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, रजिस्ट्रार के साथ ही गृह विभाग को पत्र लिखकर शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं अन्य संविदा कर्मियों को 50 लाख से अधिक मुआवजा और परिवार के सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग की है।