कोरोना काल में मारे गए शिक्षकों के परिजनों को दी जाये सरकारी नौकरी: यूटा

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कागारौल संवाददाता | कोरोना वायरस ने आगरा जनपद के पंचायत चुनाव के बाद 2 दर्जन से अधिक शिक्षक/ कर्मचारी / शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों की जान ले ली । जिससे शिक्षक समाज में भारी दहशत व्याप्त है । यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन, यूटा आगरा के जिलाध्यक्ष केशव दीक्षित एवं जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिलाधिकारी आगरा से मांग की है कि पंचायत निर्वाचन में ड्यूटी के उपरांत कोविड- 19 की महामारी के कारण 2 दर्जन से अधिक शिक्षक/ शिक्षामित्र / अनुदेशक एवं कर्मचारी जिनकी अकाल मृत्यु हुई है। उनको तत्काल सहायता अनुग्रह राशि एवं उनके परिवारी जनों को सरकारी नौकरी दी जाए जिससे इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार को आर्थिक मदद मिल सके। साथ ही जिन शिक्षकों / शिक्षा मित्र / अनुदेशक एवं कर्मचारियों के परिजनों की भी मृत्यु हुई है |

उनको भी सहायता अनुग्रह राशि प्रदान की जाने की यूटा आगरा मुहिम चलाएगा। सहायता अनुग्रह राशि एवं परिवारीजनों को सरकारी नौकरी दिए जाने की अशोक जादोन (जिला कोषाध्यक्ष), धर्मेंद्र चाहर, केके शर्मा, पूजा खंडेलवाल, अरुण सिंह, निधि श्रीवास्तव, नीलम रघुवंशी, रवि सिंघल, निधि वर्मा, मनोज मुदगल, नारायन हरि यादव, चेतन शर्मा, प्रवेश शर्मा, जागृति शर्मा, संजीव शर्मा, सुशील कुमार, अतीकर्रह्मान, सुनील धनगर, तिलक सिंह, प्रवेश शर्मा, हरेश कुमार, संजय सागर, मो फैसल, रश्मि, सी पी सिंह, विवेक अग्रवाल, यशपाल सिंह, तिलक सिंह, अमित राजोरिया, कमलेश कुमार, आनंद शर्मा, सुरजीत सिंह, विजय सिंह, पवन प्रकाश, कौशलेंद्र कुमार, जितेन सिंह, राजवीर सिंह, शिव सिंह, विजय सिंह, भावेश आदि ने मांग की है।