उच्च शिक्षा : बिना परीक्षा पास किये प्रमोट किये जाने को लेकर UGC का खंडन जारी, जानें पूरी सच्चाई

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यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से ऐसा कोई सर्कुलर और पत्र जारी नहीं किया गया है और गाइडलाइन भी जारी नहीं की गई है।

कोरोना महामारी के इस भयावह दौर में भ्रामक सूचनाओं और फर्जी खबरों की रोकथाम और पड़ताल कोई आसान काम नहीं है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण जहां एक और हर रोज किसी न किसी परीक्षा के रद्द या स्थगित होने की घोषणाएं हो रही हैं। वहीं, इनके सबके बीच, कई शरारती तत्व और बेपरवाह मीडिया संस्थान बिना प्रमाणिकता के खबरों का प्रकाशन और प्रसारण कर देते हैं।

इससे कई विद्यार्थी और उम्मीदवार गुमराह हो जाते हैं। ऐसी ही एक खबर वायरल हो रही है कि यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर बिना परीक्षा के छात्रों को उत्तीर्ण करने और अगली कक्षा में प्रमोट करने संबंधी निर्देश जारी किए हैं। जिसका खंडन यूजीसी ने किया है।

वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि यूजीसी ने विद्यार्थियों के अगली कक्षा में प्रमोशन की नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके अनुसार अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को छोड़कर अन्य कक्षाओं के स्टूडेंट्स के प्रमोशन का निर्णय विश्वविद्यालय ही कर सकेंगे।

दावे के अनुसार, यूजीसी ने कहा है कि विश्वविद्यालय अपने यहां की स्थानीय परिस्थितियों को देखकर परीक्षाएं कराने या विद्यार्थियों को सीधे प्रमोट करने का फैसला ले सकेंगे। अब तक जो स्थिति है, उसमें ज्यादातर विश्वविद्यालयों ने अंतिम वर्ष को छोड़कर बाकी सभी को बगैर परीक्षा के ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने की तैयारी शुरू कर दी है।

लेकिन बता दें कि यूजीसी ने ऐसा कोई सर्कुलर और पत्र जारी नहीं किया है और न ही कोई गाइडलाइन जारी की है।
यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मंगलवार, 11 मई, 2021 को एक स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि आयोग की ओर से ऐसा कोई सर्कुलर और पत्र जारी नहीं किया गया है और गाइडलाइन भी जारी नहीं की गई है।

हालांकि, यूजीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी ओर से 06 मई, 2021 को एक परामर्श जारी किया गया था। कोरोना संक्रमण की वर्तमान दर को मद्देनजर रखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मई माह में होने वाली अपनी सभी ऑफलाइन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।

साथ ही सभी विश्वविद्यालयों और राज्यों को पत्र लिखकर मई माह में कोई भी ऑफलाइन परीक्षा आयोजिन न करने को कहा था। पत्र में यह भी लिखा गया है कि जून में समीक्षा बैठक के बाद ही इन परीक्षाओं के संबंध में कोई फैसला किया जाए।

इसके साथ ही यूजीसी ने लिखा था, हालांकि, कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए केंद्र / राज्य सरकार, शिक्षा मंत्रालय, या यूजीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा संस्थान और विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन के संबंध में उचित निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।