परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मिलेंगे फर्नीचर, शासन ने खरीद प्रक्रिया को दी मंजूरी!!

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प्रदेश के 71 जिलों के 26,729 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों और वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के 108 प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के लिए जल्दी आरामदायक और आकर्षक फर्नीचर उपलब्ध होंगे। इन स्कूलों में फर्नीचर खरीदने का रास्ता साफ हो गया है। यह फर्नीचर केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की ओर से चालू वित्तीय वर्ष के लिए मंजूर की गई उप्र की कार्ययोजना के तहत खरीदे जा रहे हैं।

उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर खरीदने के लिए 488.61 करोड़ रुपये और वाराणसी के प्राथमिक स्कूलों के लिए 1.99 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। फर्नीचर जेम पोर्टल पर टेंडर के माध्यम से खरीदे जाएंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्नीचर की डिजाइन की विशिष्टताएं, खरीद व अनुबंध की प्रक्रिया तय करते हुए इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। खरीदे जाने वाले फर्नीचर को बच्चों के लिए अधिक उपयोगी और सुरक्षित बनाने के लिहाज से वर्ष 2017-18 में आपूर्ति किए गए फर्नीचर की डिजाइन और विशिष्टताओं में बदलाव किए गए हैं।

फर्नीचर को बच्चों के लिए आकर्षक और बाल मैत्रिक बनाने के साथ उनकी संरचना बच्चों की उम्र और कक्षा के आधार पर करने के लिए कहा गया है। उनमें बच्चों के स्कूल बैग, कॉपी-किताब और पानी की बोतल रखने की उपयुक्त व्यवस्था करने की हिदायत दी गई है। सुविधा के लिहाज से आयु और कक्षा के अनुसार डेस्क और बेंच के बीच स्पेस बढ़ाया गया है।

बच्चों के लिए आरामदायक बनाने के लिए डेस्क-बेंच के ऊपरी हिस्से और बेंच के बैक साइड को पांच डिग्री का स्लोप दिया गया है।

फर्नीचर खरीदने के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ई-टेंडरिंग समिति गठित हैं। जिला स्तर पर ई-टेंडर के जरिये चयनित फर्मों से उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए फर्नीचर खरीदे जाएंगे। बीएसए विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से फर्नीचर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेंगे। फर्नीचर की खरीद, अनुबंध और आपूर्ति के बाद भुगतान के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निविदा मूल्यांकन कमेटी गठित की जाएगी जिसके उपाध्यक्ष सीडीओ और सदस्य सचिव बीएसए होंगे।

फर्नीचर की खरीद के लिए समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से तैयार किए गए मॉडल एग्रीमेंट में प्रविधान है कि फर्नीचर की आपूर्ति में विलंब करने पर आपूर्तिकर्ता पर साप्ताहिक पेनाल्टी लगाई जा सकेगी।